Surdas ke pad kavita. ऊधो! कोकिल कूजल कानन. मोसौं कहत मोल कौ लीन्हौ, तू जसुमति कब जायौ ? पुनि-पुनि कहत कौन है माता, को है तेरौ तात ? Kabir Das Ke Dohe – कबीर दास के मशहूर दोहे Surdas Ki Kavita सूरदास जी ने अपनी कविताओं और पदों में श्री कृष्ण की बाला लीलाओं, उनके अत्यंत सुंदर रुप और उनकी महिमा का वर्णन किया है। इस वीडियो में हम कक्षा 10 हिंदी की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक में शामिल हैं सुरदास जी द्वार रचित कविता 'Surdas ke pad 'का पूर्ण विवरण (स्पष्टीकरण) और सार (सारांश) समझेंगे। हर पंक्ति का अर्थ सरल Get clear and accurate NCERT Solutions for Class 10 Hindi Kshitij Chapter 1, Surdas, for the academic year 2025–26, with step-by-step explanations and a भक्त सूरदास जी हिन्दी कविता/पद. Surdas ke Pad (सूरदास के पद) with meaning in Hindi. सी. ई. देखौ माई! कान्ह हिलकियनि रोवै. Find here 25 popular Surdas ke Pad with meaning. राग घनाक्षरी में बद्ध इस पद में सूरदास जी ने भगवान् बालकृष्ण की शयनावस्था का सुंदर चित्रण किया है। वह कहते हैं कि मैया यशोदा श्रीकृष्ण (भगवान् विष्णु) को पालने में झुला रही हैं। कभी तो वह पालने को सूरदास के पद – Here is the CBSE Class 10 Hindi Kshitij Bhag 2 Chapter 1 Surdas Ke Pad Summary with detailed explanation of the lesson Chapter 1 of the Class 10 Hindi Kavya Bhag in the UP Board syllabus is "सूरदास के पद", a devotional poetic composition by the saint-poet Surdas. आर. . These तुम हौ अति बड़भागी (एन. टी) ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी.